A Soldier's Poetry July 01, 2011 भर जाएँगे घाव, बिसर जाएगी टीस, है ना, हमारे पास समय का मलहम, और काम आएगा संयम, काम आएगा सामर्थ्य, काम आऍगे ईश्वर, भर जाएँगे घाव॥ Read more