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Showing posts from October, 2010

ऐ खुदा, तू बता॥

अपने जब अपने न रह जाएँ जीवन के हर सपने बिखर से जाएँ। मंजिलोँ के रास्ते भटक से जाएँ। या फिर बढ़ते कदम खुद ही ठिठक जाएँ॥ तब तू ही बता ऐ खुदा, क्या हम जिन्दगी की राह पर चलते जाएँ। या फिर मौत की राह से गुजर जाएँ॥