तुम हैरान होगी कि मैँ यह क्या कर रहा हूँ । पर इसे मेरे प्यार की हार मत समझना । मैँ हारा नहीँ हूँ । न ही कभी हारूँगा । तुमसे मिलकर मै तुम्हारा प्यार पा तो नहीँ सका पर प्यार को समझ जरुर गया । तुम्हारी खुशी तुम्हारे प्यार मेँ हैँ और मेरी खुशी तुम्हारी खुशी मेँ। क्योँकि लेना नहीँ बल्कि देना ही प्यार है । आज पहली बार मैँ तुम्हारे साथ हूँ उस अंधेरे की तरह नहीँ जो हर तरफ तन्हाई और निराशा छोड़ जाता है बल्कि धूप की किरण की तरह खुशहाली फैलाते हुए । फिर चाहे तुम जिस तरफ भी जाओ मै सुबह की एक नई किरण की तरह मुस्कान बनकर हमेशा तुम्हारे होँठो पर रहुगाँ ।