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बस थोड़ा इन्तजार और कर लो।

न होगी गमोँ की रात,
न होगी कष्टोँ की बरसात,
बदलेगा अपना भी जीवन,
खुशियोँ से भर जायेँगे दामन,
बस थोड़ा इन्तजार और कर लो।

दिन बदलेँगे अपने भी,
होगा इक नया सवेरा,
चिड़ियोँ की चहकन से
गूँजेगा अपना बसेरा,
बस थोड़ा इन्तजार और कर लो।

तब न आएगी कोई मुश्किल,
न बिगड़ेगी कोई बात,
लम्बे होँगे खुशियोँ के दिन,
कम होगी कष्टोँ भरी रात,
बस थोड़ा इन्तजार और कर लो।

तुम चलना मेरे संग-संग,
बदलेँगे अपने रंग-ढंग,
हो जाएँगे गैर भी अपने,
पूरे होँगे अपने सपने,
बस थोड़ा इन्तजार और कर लो।

Comments

  1. FRND!
    THIS IS MY FIRST BLOG POST.
    SO PLZ COMMENT ASSERTIVELY FOR MY BLOGGING FUTURE.

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