एक हाथ मा एक्सीलीटर,
दूजे मा मोबाइल है।
फाट परे जब नाली मा,
भूलै सब स्टाइल है॥
लिऐ गवनवाँ जाए रहै,
होठोँ पर स्माईल थी।
पहुड़ै है अब अस्पताल मा
भूले सब स्टाइल हैँ॥
नक्सेबाजी मा कम नहीँ,
फाट परे तो गम नहीँ,
फिकर है कि कोई देखिस नहीँ,
यू कहौ टूटी उनकी चेसिस नहीँ,
फाट परे जब नाली मा
भूलै सब स्टाइल है॥
दूजे मा मोबाइल है।
फाट परे जब नाली मा,
भूलै सब स्टाइल है॥
लिऐ गवनवाँ जाए रहै,
होठोँ पर स्माईल थी।
पहुड़ै है अब अस्पताल मा
भूले सब स्टाइल हैँ॥
नक्सेबाजी मा कम नहीँ,
फाट परे तो गम नहीँ,
फिकर है कि कोई देखिस नहीँ,
यू कहौ टूटी उनकी चेसिस नहीँ,
फाट परे जब नाली मा
भूलै सब स्टाइल है॥
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